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Thursday, April 6, 2017

बचपन में गली-गली चुना करते थे गोबर, फिर अनोखे आइडिया की बदौलत 8 महीने में खड़ी कर ली 8 करोड़ की कंपनी

बचपन में गली-गली चुना करते थे गोबर, फिर अनोखे आइडिया की बदौलत 8 महीने में खड़ी कर ली 8 करोड़ की कंपनी

यह सच है कि यदि कोई भी इंसान पूरी लगन और मेहनत के साथ काम करे तो किसी भी मुकाम को हासिल करना असंभव नहीं है। यूँ कहे तो लक्ष्य प्राप्ति मुश्किल हो सकता है किन्तु नामुमकिन नहीं। आज की कहानी एक ऐसी ही शख्सियत के ओत-प्रोत है जिन्होंने गरीबी और संघर्षों की बुनियाद पर वो कर दिखाया जो ज्यादातर लोगों के लिए सिर्फ एक सपना सा है। आपको यकीं नहीं होगा, महज़ आठ महीने में आठ करोड़ की कंपनी खड़ी कर इस शख्स ने सफलता का बेमिसाल उदाहरण पेश किया है।

हम बात कर रहे हैं कैलेप्सो नामक एक ब्यूटी स्टार्टअप की आधारशिला रखने वाले गौरव राणा के बारे में। हरियाणा के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले गौरव का जन्म एक बेहद ही गरीब परिवार में हुआ। गांव में स्कूल न होने के बावजूद भी गौरव अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए पास के गांव जाया करते थे। किसी तरह स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद गौरव ने आगे की पढ़ाई के लिए दुसरे शहर जाने का निश्चय किया।

लेकिन गौरव के सामने सबसे बड़ी चुनौती पैसे को लेकर थी। अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए गौरव बतातें हैं कि घर की आर्थिक स्थिति तो शुरू से ही दयनीय थी. लेकिन पिता की बीमारी के बाद तो आर्थिक संकट और गहरा गया। दादाजी की एक छोटी सी किराने की दूकान थी, उसी से घर का गुजर बसर चलता था।

वो कहतें हैं न अगर आपके अंदर मजबूत आत्मबल और दृढ़ इच्छा-शक्ति हो तो पूरी कायनात आपको आपके लक्ष्य के समीप ले जाने में सहायता प्रदान करती है। गौरव के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। अपनी कठिन मेहनत की बदौलत गौरव ने आगरा के एक एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में दाखिला लिया और पूरे जोर-सोर से पढ़ाई शुरू कर दी। इस दौरान उनके गांव के कुछ लोग और सगे-संबंधियों ने आर्थिक सहायता मुहैया कराई। सफलतापूर्वक ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद साल 2011 में गौरव ने नौकरी की तलाश में इंदौर का रुख किया।

इसी दौरान गौरव के दादाजी का देहांत हो गया और घर का सारा दारोमदार गौरव के कंधे टिका। इस करो या मरो वाली स्थिति में गौरव ने नौकरी करने के साथ-साथ एक स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया। गौरव ने अपना पहला स्टार्टअप एक इवेंट कंपनी के रूप में आरम्भ किया, लेकिन दुर्भाग्य से कंपनी नहीं चल पाई और इन्हें असफलता का स्वाद चखना पड़ा।

अपनी असफलता से सीख लेते हुए गौरव ने एक बार फिर साल 2015 में नई आइडिया और नए उत्साह के साथ ब्यूटी सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर एक स्टार्टअप की आधारशिला रखी। गौरव ने अपने इस स्टार्टअप को नाम दिया कैलेप्सो। वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए ओन डिमांड ब्यूटी सर्विस मुहैया कराने का यह आइडिया बेहद क्रांतिकारी साबित हुआ।

इस ऐप के जरिए महिलाओं को घर बैठे ब्यूटी सर्विसेज मुहैया कराई जाती है। देश की सबसे बड़ी होटल श्रृंखला ओयो रूम्स ने कैलेस्पो के साथ टाई-अप कर देश के भिन्न-भिन्न शहरों के कई होटलों में ब्यूटी सर्विसेज मुहैया कराती है।

जो लड़का कभी चंद पैसों के लिए गांव की गलियों में गोबर चुनने के लिए दौड़ा करता था, आज वही लड़का खुद की काबिलियत के दम पर करोड़ों रूपये की कंपनी खड़ी कर हजारों लोगों को रोजगार मुहैया करा रहा। सफलता की परिभाषा इससे बेहतर और क्या हो सकती है।

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