छोटे कारोबारियों को डिजिटल प्लैटफॉर्म मुहैया करा इस लड़की ने यूँ खड़ी की करोड़ों का कारोबार

छोटे कारोबारियों को डिजिटल प्लैटफॉर्म मुहैया करा इस लड़की ने यूँ खड़ी की करोड़ों का कारोबार

साल 2011 तक ई-कॉमर्स की दुनिया में नए-नए बिज़नेस आइडिया के साथ कारोबारी कूदते जा रहे थे। उस दौर में फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट का सिर्फ एक फीसदी ही ऑनलाइन था। इस कमी को करीब से महसूस की एक लड़की और उसनें एक ऐसा फैशन-लाइफस्टाइल पोर्टल बनाया, जहाँ लोग इंडिया में बने बेहतरीन प्रोडक्ट्स का कलेक्शन देख सकें। देश के करीब 2 करोड़ छोटे कारोबारियों को एक डिजिटल प्लैटफॉर्म मुहैया कराने की यह सोच बेहद क्रांतिकारी साबित हुई और आज यह पोर्टल भारत में खासकर महिलाओं के लिए सबसे बड़ा और फेवरेट ऑनलाइन फैशन-लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म बन चुका है।

आज की कहानी है फैशन पोर्टल लाइमरोड डॉट कॉम की आधारशिला रखने वाली उद्यमी सुचि मुखर्जी की। साल 2012 में इसकी शुरुआत होकर आज यह भारत की एक मशहूर फैशन पोर्टल का रूप ले चुकी है। दिल्ली के एक मध्यम-वर्गीय परिवार में जन्मीं सूचि की माँ चाहती थीं कि वो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करे लेकिन सूचि को इकोनॉमिक्स में काफी इंटरेस्ट था। अर्थशास्त्र में स्नातक करने के बाद सूचि ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री हासिल की।

फिर माइक्रोसॉफ्ट, लेहमान और वर्जिन जैसी कुछ नामी कंपनियों के साथ काम करते हुए सूचि को कुछ नया व बड़ा करने की प्रेरणा हुई। इसी कड़ी में करीब 17 साल ब्रिटेन में बिताने के बाद उन्होंने अपने पति के साथ वापस स्वदेश लौटने का फैसला किया। सूचि ने भारत में बड़ी और बेहतर प्रोडक्ट कंपनी के लिए एक बड़ी गुंजाइश को महसूस किया और फिर अपने आइडिया पर काम शुरू कर दी।

सूचि ने देखा कि दुनिया भर में लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स का करीब 20 करोड़ डॉलर (करीब 1300 करोड़ रु.) का कारोबार है। उस वक़्त इसमें से भारत की हिस्सेदारी 20 सिर्फ फीसदी थी। इसी कड़ी में सूचि ने देश के करीब 2 करोड़ छोटे कारोबारियों को एक डिजिटल प्लैटफॉर्म मुहैया कराने की सोची, जहां जाकर वे अपना सामान आसानी से बेच सकें। ब्रैंडेड चीजों को बेचने के लिए पहले से ही कई पोर्टल थीं, इसलिए इन्होनें नॉन-ब्रैंडेड चीजों पर काम करने का फैसला किया।

उस वक़्त ई-फैशन बाजार में कारोबार की शुरुआत एक बहुत ही जोखिम भरा विचार था, लेकिन सूचि ने दृढ़ संकल्प होकर अपने मातृत्व अवकाश का इस्तेमाल कर लाइमरोड डॉट कॉम की स्थापना की।

सुचि कहती हैं, आज लाइमरोड शुरू किए लगभग चार साल हो गए है, लेकिन मुझे हर दिन पहले दिन की तरह ही लगता है। हमारे यहां हर महीने 15 मिलियन विजिट्स आते हैं और हमारे इंगेजमेंट्स नंबर इंडिया में सबसे ज्यादा है, तो अच्छा लगता है।

आज लाइमरोड पर कपड़े, एक्सेसरीज, होम फर्निशिंग प्रोडक्ट्स के 3 मिलियन से भी ज्यादा स्टाइल स्टेटमेंट्स मौजूद हैं। लाइमरोड में मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया तथा लाईट स्पीड वैंचर पार्टनर्स ने भी इन्वेस्ट किया है। आज लाइमरोड हर महीने करीबन 30 लाख की कमाई कर रही है। सूचि अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने पैरेंट्स को ही देती हैं।

केयरिंग मदर, बेहतरीन पत्नी और एक कामयाब ऑन्ट्रप्रनर, इन तमाम खूबियों का मेल हैं सुचि मुखर्जी। जिंदगी के हसीन पलों को बखूबी से जीते हुए खराब वक्त को भी उतनी ही जिंदादिली से स्वीकार करने वाली सूचि की सफलता युवा उद्यमियों के लिए एक मजबूत प्रेरणास्रोत है।

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