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Showing posts from June, 2017

कैसे एक मामूली सेल्समैन ने शून्य से शुरुआत कर बनाई कंपनी का 10,000 करोड़ रूपये में किया सौदा

कैसे एक मामूली सेल्समैन ने शून्य से शुरुआत कर बनाई कंपनी का 10,000 करोड़ रूपये में किया सौदासभी बड़े बिजनेसमैन वह नहीं हैं जो एक बड़ी विरासत के साथ पैदा हुए हैं। हमारे बदलते भारत में कई अरूण कुमार जैसे भी हैं जिन्‍होंने विरासत में धन, हैसियत और संपर्क नहीं पाया, पाया तो बस मां या पिता के सिखाये मूल्‍य। अरूण कुमार जो 2013 में एक बड़ी चर्चा में आए जब अपनी फार्मा कंपनी ‘स्‍ट्राइड’ के इंजेक्‍टेबल बिजनेस (एजिला स्‍पेशियालिटिज) को दुनिया की एक बहुत बड़ी यूएस बेस्‍ड फार्मा कंपनी माइलान को 1.65 बिलियन डॉलर (लगभग 10,000 करोड़ रूपये) में बेचा। माइलान ने उसकी बड़ी कीमत लगाई थी जब‍कि एजिला की तब सालाना बिक्री मात्र 500 मिलियन डॉलर थी। अरूण कुमार ने अपनी कंपनी स्‍ट्राइड्स को जीरो से शुरू कर फार्मा की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बना दिया जिसके एक-एक प्रोडक्‍ट में जान है।अरुण अपनी सफलता का श्रेय पिता को देना चाहते हैं जिनसे उन्‍होंने अनुशासन और निर्णय लेने में धैर्य और समझदारी का मूल्‍य सीखा। उन्‍होंने 29 वर्ष की उम्र में 1990 में वाशी में स्‍ट्राइड की आधारशिला रखी थी तब उनके पास बिजनेस की कोई पृष्‍ठ…

कभी 1700 रूपये की नौकरी करने वाली लखनऊ की अंजलि आज है करोड़ों की कंपनी की मालकिन

कभी 1700 रूपये की नौकरी करने वाली लखनऊ की अंजलि आज है करोड़ों की कंपनी की मालकिनअंजली सिंह का एयर होस्‍टेस बनने का सपना तो आम मध्‍यवर्गीय जीवन की बंदिशों की भेंट चढ़ गया, पर सपना देखने की आदत और हौसले को सहेज कर रखना उन्‍होंने नहीं छोड़ा, जिससे आज उनकी सफलता एक दूसरे तरह से खुले आसमान की ऊंचाईयों में उड़ान भर रही है। पिता में एक उद्यमी वाला स्‍वभाव था। उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ के एक पारंपरिक सेट-अप में पली-बढ़ी अंजली ने एक लड़की होने से जुड़ी और मध्‍यवर्गीय तमाम तरह की बंदिशों को किनारे लगा दिया। अगर इन बंदिशों में से उन्होंने कुछ ग्रहण किया तो मात्र यह प्रेरणा कि अपने उद्यमों में हमेशा ही वह तमाम मज़बूर लड़कियों को साथ लेकर चलेंगी। अंजली ने पिता के प्‍यार, विश्‍वास और तिनका-तिनका जोड़कर बनाए हुए उद्यम को सहेजा और उसमें अपने प्‍यार, विश्‍वास, संवेदना, हौसला और सृजनात्‍मकता का अमृत डाल-डाल कर उसे खूबसूरत महल बना दिया। आज समाज और सरकार उन्‍हें पुरस्‍कारों से नवाज़ कर उनकी जवाबदेही और उद्यम को लगातार मान्‍यता दे रही है।मध्‍यवर्गीय और अनेक सामाजिक अवगुंठनों से निकलने में वक्‍त लगता रहा। पर, ह…

नौकरी छोड़ शुरू किया था स्टार्टअप, हर महीने मिलियन डॉलर की कमाई करते हुए आज बन चुकी है MNC

नौकरी छोड़ शुरू किया था स्टार्टअप, हर महीने मिलियन डॉलर की कमाई करते हुए आज बन चुकी है MNCपिछले कुछ वर्षों से रियल एस्टेट कारोबार में एक बड़ी कारोबारी संभावना दिखी है। और इसी वजह से निवेशकों ने कई मिलियन डॉलर का निवेश ऑनलाइन रियल एस्टेट कारोबार में किया है। सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर हमारे देश के कई युवाओं ने स्टार्टअप के लिए इस क्षेत्र को चुना है। हालांकि कुछ स्टार्टअप अपने उत्पादों और विपणन रणनीतियों के जरिए आम जनता का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहे, वहीं एक बेहतर व्यापार मॉडल और स्थिर राजस्व पैदा करने में कई स्टार्टअप अब भी जूझ ही रही है।निजी जिंदगी में आई परेशानियों को खत्म करने के लिए कुछ लोग ऐसे उपाय ढूंढ निकालते हैं जो औरों के लिए वरदान साबित हो जाता है। साल 2013 में तनुज शॉरी और कनिका गुप्ता ने अपनी खुद की समस्याओं को खत्म करने के उद्येश्य से ‘स्क्वायर यार्ड्स’ नामक एक रियल एस्टेट सलाहकार फर्म शुरू करने का फैसला किया जो भारतीय रियल एस्टेट में इच्छुक एनआरआई को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है। तीन लोगों के साथ एक छोटे से कमरे में शुरू हुई यह कंपनी 1000 से अधिक लोगों क…

पहले करता था घर-घर सामान की डिलीवरी, फिर शुरू किया खुद का स्टार्टअप, आज होती है चौंकाने वाली कमाई

पहले करता था घर-घर सामान की डिलीवरी, फिर शुरू किया खुद का स्टार्टअप, आज होती है चौंकाने वाली कमाईएक दौर हुआ करता था जब लोगों के सामने महज कुछ क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर थे। हाल के समय में, ‘सॉफ्टवेयर विकास और आईटी सक्रिय सेवा’ वैश्विक संदर्भ में भारत के लिए आला अवसर के रूप में उभरी है। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आई क्रांति ने एक ओर जहाँ कारोबार के अनगिनत अवसर मुहैया करा रहे, वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी के युवाओं को खुद के पैर पर खड़ा होने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही। और यही वजह है कि हमें नित नए-नए स्टार्टअप के बारे में पढ़ने और सुनने को मिलता है। और सबसे खास वजह यह है कि सिर्फ वही लोग स्टार्टअप शुरू नहीं कर रहे जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं बल्कि कई लोगों ने प्रौद्योगिकी का सही इस्तेमाल कर शून्य से सफल कारोबार की स्थापना की।आज हम रघुनाथ नाम के एक साधारण लड़के की कहानी लेकर आए हैं जो जयपुर के एक बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। घर की बुरी आर्थिक हालातों की वजह से उसे पढ़ाई बीच में ही छोड़ नौकरी की तलाश में घर से बाहर निकलना पड़ा। काफी जद्दोजहद के बाद उसनें नौ हजार रुपये की तनख्वा…

कभी माँ को आया था बेटी की इस आइडिया पर शर्म, आज बेटी ने उसे बना दिया अरबों का बिजनेस

कभी माँ को आया था बेटी की इस आइडिया पर शर्म, आज बेटी ने उसे बना दिया अरबों का बिजनेसयह सच है कि महिलाओं के लिए किसी भी कारोबार की शुरुआत कर उसे सफल बनाना चुनौतियों से भरा होता है। लेकिन तमाम बाधाओं का डटकर मुकाबला करते हुए कई महिला उद्यमियों ने उतनी ही शानदार सफलता हासिल की जितनी पुरुषों ने की है। आज की कहानी एक ऐसी ही महिला उद्यमी के बारे में है जिसने बिजनेस की शुरुआत की तो सबसे पहले घर में ही सवाल खड़े हुए। इस लड़की ने अपने अनोखे आइडिया से लाखों महिलाओं की एक बड़ी मुश्किल को चुटकी में हल करते हुए करोड़ों रूपये का कारोबार खड़ी कर ली।आज की कहानी है ऑनलाइन अंडरगारमेंट बेचने के लिए ‘जिवामे डॉट कॉम’ की शुरुआत करने वाली रिचा कर की सफलता के बारें में। जमशेदपुर के एक मध्यम-वर्गीय परिवार में पली-बढ़ी रिचा ने बिट्स-पिलानी से पढ़ाई पूरी करने के बाद ख़ुद की नौकरी छोड़ जिवामे डॉट कॉम की शुरुआत की। रिचा ने जब अपने इस आइडिया को घर में शेयर की तो, सबसे पहले उसे अपनी माँ का विरोध झेलना पड़ा।दरअसल महिलाओं के लिए बाजार में पुरुष दुकानदार से अंडरगार्मेंट खरीदना बेहद कठिन काम होता है। खासकर अपनी जरूरत को उस दुक…