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Saturday, June 24, 2017

नौकरी छोड़ शुरू किया था स्टार्टअप, हर महीने मिलियन डॉलर की कमाई करते हुए आज बन चुकी है MNC

नौकरी छोड़ शुरू किया था स्टार्टअप, हर महीने मिलियन डॉलर की कमाई करते हुए आज बन चुकी है MNC

पिछले कुछ वर्षों से रियल एस्टेट कारोबार में एक बड़ी कारोबारी संभावना दिखी है। और इसी वजह से निवेशकों ने कई मिलियन डॉलर का निवेश ऑनलाइन रियल एस्टेट कारोबार में किया है। सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर हमारे देश के कई युवाओं ने स्टार्टअप के लिए इस क्षेत्र को चुना है। हालांकि कुछ स्टार्टअप अपने उत्पादों और विपणन रणनीतियों के जरिए आम जनता का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहे, वहीं एक बेहतर व्यापार मॉडल और स्थिर राजस्व पैदा करने में कई स्टार्टअप अब भी जूझ ही रही है।

निजी जिंदगी में आई परेशानियों को खत्म करने के लिए कुछ लोग ऐसे उपाय ढूंढ निकालते हैं जो औरों के लिए वरदान साबित हो जाता है। साल 2013 में तनुज शॉरी और कनिका गुप्ता ने अपनी खुद की समस्याओं को खत्म करने के उद्येश्य से ‘स्क्वायर यार्ड्स’ नामक एक रियल एस्टेट सलाहकार फर्म शुरू करने का फैसला किया जो भारतीय रियल एस्टेट में इच्छुक एनआरआई को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है। तीन लोगों के साथ एक छोटे से कमरे में शुरू हुई यह कंपनी 1000 से अधिक लोगों का संगठन बनते हुए 9 से अधिक देशों में विस्तार कर आज इस सेगमेंट में सबसे बड़ी कंपनी है।

आइडिया इतना दमदार था कि कंपनी एक साल के भीतर ही तीन बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण करते हुए करोड़ों रूपये का सालाना टर्नओवर करनी शुरू कर दी। रेवेन्यू, मुनाफा और बाजार हिस्सेदारी इन तीन चीजों पर फोकस करते हुए कंपनी 22 महीनें में ही 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई। इस क्षेत्र में भारत में अपार कारोबारी संभावना को देखते हुए तनुज और कनिका ने शीर्ष 10 भारतीय शहरों के रियल एस्टेट बाज़ार पर व्यापक शोध किया और फिर इसे एनआरआई समुदाय के साथ साझा करने का निश्चय किया। जब एनआरआई द्वारा मांग में वृद्धि को देखा, तो कंपनी ने शीर्ष मेट्रो शहरों में कार्यालयों की स्थापना कर देश के शीर्ष डेवलपर्स के साथ साझेदारी कर भारत में तेजी से विस्तार शुरू किया।

कंपनी अगले एक साल में 15 भारतीय शहरों और सिंगापुर, दुबई, लंदन जैसे शहरों में भी अपनी उपस्थिति स्थापित करने में सफल रही और एनआरआई के बीच अपनी पैठ जमा ली।

कंपनी ने टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल कर वितरण प्लेटफार्मों की पेशकश करने के लिए तकनीकी क्षमताओं का भी निर्माण किया, जिससे खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया बेहद आसान हो गई। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज स्क्वायर यार्ड प्रति माह लगभग 1,000 से अधिक लेनदेन करता है, जिसका सालाना रेवेन्यू दर 25 मिलियन डॉलर के पार है। वर्तमान में कंपनी भारत के प्रमुख शहरों सहित 10 देशों के 32 शहरों में फैली हुई है।

हालांकि इतने कम समय में एक स्टार्टअप को मल्टी मिलियन कंपनी में तब्दील करना आसान नहीं था तनुज बताते हैं कि कई डेवलपर्स जो जिनके साथ हमारी साझेदारी थी, समय पर निर्माण कार्य पूरा करने में विफल रहे और इस वजह से ग्राहकों के साथ विवाद भी हुए। इन मुद्दों को हल करने के लिए, हमनें डेवलपर द्वारा पेनाल्टी देने जैसी चीजों को विकसित किया। इससे ग्राहकों का हमारे प्रति विश्वास बढ़ा और हम आज यहाँ खड़े हैं।

आज भी कंपनी मूल रूप से उद्यमशीलता की भावना और नवीन अवधारणाओं द्वारा संचालित है जो कि एक ठोस रेवेन्यू मॉडल को सबसे ज्यादा महत्वता देती है और हमेशा कुछ नया करते हुए इस क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शुमार कर रहा है।

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