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Saturday, October 7, 2017

ऐसे शुरू करें अपना साबुन बनाने का बिज़नेस

ऐसे शुरू करें अपना साबुन बनाने का बिज़नेस

साबुन वह वस्तु है, जो लगभग सभी लोगों द्वारा प्रतिदिन प्रयोग में लाई जाती है. बाज़ार में तरह तरह के साबुन विभिन्न कीमतों पर बेचे जाते हैं. कुछ ब्रांडेड कम्पनियों के साबुन का मूल्य एक आम इस्तेमाल में आने वाले साबुन से बहुत अधिक होता है,

जिनसे इस तरह की कम्पनियों को काफी लाभ प्राप्त होता है. आप भी कम बजट में साबुन की फैक्ट्री स्थापित करके काफी लाभ कमा सकते हैं. इसके पहले हम आपको हैण्ड वाश सोप का व्यापार कैसे शुरू करें  के व्यापार को शुरू करने की सभी प्रक्रियायों का वर्णन दे चुकेहै.

नहाने का साबुन बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल की जानकारी नीचे दी जा रही है.
सोप नूडल्स : सोप नूडल्स पाम आयल अथवा कोकोनट आयल का बना होता है.
स्टोन पाउडर : यह भी आवश्यक सामग्री है.
रंग : आवश्यकता के अनुसार.
परफ्यूम : जिस फ्लेवर का साबुन बनाया जा रहा है.
सोप नूडल्स की कीमत रू 75 प्रति किलोग्राम है. पूरे 50 किलोग्राम के रॉ मटेरियल के साथ साबुन बनाने पर कुल लागत रू 3500 पड़ेगी.
कहाँ से खरीदे : इसे आप होलसेल मार्किट से खरीद सकते हैं. यदि सभी कच्चे पदार्थ को घर बैठे पाना हो, तो यहाँ पर विजिट करें.https://dir.indiamart.com
नहाने का साबुन बनाने के लिए मशीनरी (Toiletries soap making machines)

साबुन बनाने की प्रक्रिया में मूलतः तीन तरह की मशीनों से काम लिया जाता है. इन तीन तरह के मशीन हैं :
रॉमटेरियल मिक्सिंग मशीन
मिलर मशीन
सोप प्रिंटिंग मशीन

कहाँ से ख़रीदें : आप इसे किसी होलसेल हार्डवेयर दूकान से ले सकते हैं. इन सभी मशीनरी को ऑनलाइन निम्न दिए गये लिंक से प्राप्त किया जा सकता है.
https://dir.indiamart.com/impcat/soap-making-machinery.html

कीमत : पूरे मशीनरी की सेटअप की कीमत कम से कम 65,000 रूपये से शुरू होती है.
नहाने का साबुन बनाने की प्रक्रिया (Toiletries soap making process)
सबसे पहले 50 किलोग्राम सोप नूडल्स को मिक्सर में डाल कर लगभग नूडल को टूटने के लिए छोड़ दें.

कुछ समय के बाद इसमें स्टोन पाउडर डालें. ये स्टोन पाउडर नूडल्स की मात्रा पर निर्भर करता है. 50 किलोग्राम नूडल्स में लगभग 1½ किलोग्राम स्टोन पाउडर देना होता है.
स्टोन पाउडर देने के बाद साबुन में आवश्यकतानुसार रंग और परफ्यूम डालें. उदाहरणस्वरुप यदि आप चन्दन का साबुन बना रहे हैं, तो चन्दन का रंग और परफ्यूम डालें.

50 किलो में लगभग आधा किलो रंग और परफ्यूम डालना होता है.
स्टोन पाउडर और सोप नूडल्स अच्छे से मिल जाने पर इस मिश्रण को मिलर मशीन में डालें.

इस मशीन में इस मिश्रण को बारीक किया जाता है. आप अपने प्रोडक्ट को अच्छा बनाने के लिए इस मिश्रण को मशीन से 5 से 6 बार बारीक कर सकते हैं. इस दौरान लगभग आधा लीटर पानी का भी इस्तेमाल करें.
पंद्रह मिनट के अंदर 50 किलो रॉमटेरियल की सहायता से 100 ग्राम का 500 पीस साबुन बन कर तैयार हो जाता है.
इसके बाद इस मिश्रण को अगली मशीन यानि सोप प्रिंटिंग मशीन से गुज़ारने पर साबुन बन कर तैयार हो जाता है.
कुल लागत : इस व्यापार को स्थापित  करने के लिए लगभग 1.5 से 2 लाख रुपए तक लग जाते हैं. इसी तरह आप कम लागत मे टॉयलेट क्लीनर बनाने का व्यापार शुरू कर सकते है.

साबुन बेचने के लिए पैकेजिंग का ध्यान रखना अतिआवश्यक है. पैकेजिंग के दौरान रॉ मटेरियल से बने साबुन को सोप प्रिंटिंग मशीन के सहारे अपने ब्रांड का नाम दिया जाता है. इसके बाद काग़ज़ के बने ब्रांड पैकेज में पैक करना होता है. इसी पैकेज को इसके बाद शहर के विभिन्न दुकानों में बेचा जाता है.

इस व्यापार के लिए आवश्यक लाइसेंस नगरपालिका के व्यापार विभाग से प्राप्त होता है. लाइसेंस प्राप्त हो जाने से कंपनी की आईटी रिटर्न वगैरह में बहुत सहायता मिलती है. लम्बे समय तक व्यापार के लिए या बड़े व्यापार के लिए लाइसेंस का होना ज़रूरी है.

थोक मे बेचने के लिए शहर के बड़े किराना स्टोर्स से बात करना ज़रूरी होता है. इन दुकानों में साबुन की काफी खपत होती है, क्योंकि इन्ही दुकानों से छोटी छोटी दुकान वाले साबुन खरीदते हैं. आकर्षक पैकेज और लिमिटेड पीरियड ऑफर की सहायता से मार्किट पकड़ने में सहायता मिल सकती है.

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