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Saturday, October 7, 2017

ऐसे शुरू करें सजावटी मछलियों का बिज़नेस

ऐसे शुरू करें सजावटी मछलियों का बिज़नेस

हम से कई सारे लोग है जो अपना बिजनेस करना चाहते है लेकिन कई बार हमें समझ नहीं आता कि किस चीज का बिजनेस किया जाए। इसलिए आज हम आपको बता रहे है कुछ एेसे बिजनेस के बारे में जिनमें कम लागत से भी आप हर महीने लाखों  रुपए कमा सकते हैं । एक्वेरियम में अठखेलियां करती रंग-बिरंगी मछलियां सभी को अच्छी लगती हैं।

कुछ खास रंग जैसे गोल्ड और प्रजाति जैसे मोली आदि को सौभाग्य के लिए भी रखा जाता है। इसलिए सजावटी मछलियों के कारोबार  करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है । गोल्ड फिश और कई सजावटी मछलियों की कीमत 2500 रुपए से 28 हजार रुपए तक होती है। ऐसे में आप एक बार में महज 1 से 1.5 लाख रुपए खर्च कर हर महीने 2 लाख रुपए तक कमा सकते हैं।
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गोल्ड एरवॉन जैसी सजावटी मछलियों की तो लोग बोली लगाते हैं। बड़े-बड़े शहरों में बोली में इसकी कीमत 50 हजार रुपए से भी उपर चली जाती है। यही नहीं, एक बार आप अच्छी मछलियों का उत्पादन करने लगे तो आपके पास विदेशों से भी आर्डर आने लगेंगे। इसके लिए आपको वेबसाइट या किसी अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अपना प्रचार करना होगा। इन दिनों सजावटी मछलियों का ऑनलाइन बाजार भी बहुत बड़ा है।

सजावटी मछलियों की फार्मिंग और इसके बिजनेस के लिए शुरआत में आपको एक से डेढ़ लाख रुपए खर्च करने होते हैं। इसमें लगभग 50 हजार रुपए 100 वर्गफुट के एक्वेरियम पर खर्च करने होंगे और लगभग इतने ही अन्य सामान के लिए। इसके अलावा कुछ मुख्य प्रजातियों के मछली सीड 100 रुपए से 500 प्रति पीस होता है। सीड आप अपनी जरूरत के हिसाब से खरीद सकते हैं। इसके लिए फीमेल और मेल का अनुपात 4:1 रखना होता है।
दुनियाभर में लगभग 600 प्रकार की सजावटी मछलियां पाई जाती हैं। इनमें से 200 से अधिक भारत में भी मिलती हैं। लेकिन, इसमें से कुछ चुनिंदा प्रजातियां ही हैं जिनके दाम हजारों में होते हैं। इनमें गोल्डन एरवॉन, चाईनीज फ्लॉवर हॉर्न, इंडियन फ्लॉवर हॉर्न, डिस्कन और पेस्ट फिश आदि मुख्य हैं।

इनके लिए सीड चेन्नई, कोलकाता, चीन और हांगकांग से मंगाए जाते हैं। जो भारत में भी विभिन्न डीलरों के माध्यम से उपलब्ध हो जाते हैं। इन मछलियों के दाम ही 2500 रुपए से 28000 रुपए तक होती है। इनमें से महंगी गोल्डन एरवॉन होती है, जो 28 हजार रुपए से भी महंगी होती है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रोटेक मीट में आए मतस्य पालन विशेषज्ञों के अनुसार एक्वेरियम में सीड डालने के बाद 4 से 6 महीने बाद इन्हें बेचा जा सकता है। लेकिन, ध्यान रखना होता है कि एक एक्वेरियम में फार्मिंग के लिए एक ही प्रकार की मछलियां रखी जाएं। मसलन अगर आप गोल्डन एरवॉन प्रजाति की मछलियों की फॉर्मिंग करना चाहते हैं तो इसमें क्षमता के अनुसार हर महीने सीड डालें। ताकि आप हर 5 महीने के बाद हर महीने बेच सकें।

आप अगर अपने फार्मिंग एक्वेरियम में हर महीने 20 गोल्डन फिश भी तैयार करते हैं और इनमें से 10 भी बेच देते हैं तो आप लाखों रुपए कमा सकते हैं। यदि कम कम से कम कीमत भी लगाई जाए तो गोल्डन फिश 15 हजार रुपए में बिक जाती है। ऐसे में आप डेढ़ लाख रुपए और इससे अधिक कमा सकते हैं। लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि आप पहले किसी फिश फार्मिंग एक्सपर्ट से सलाह और प्रशिक्षण लें। ताकि, आपकी लागत बेकार न जाएं।

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