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ऐसे शुरू करें डिटर्जेंट पाउडर बनाने का बिज़नेस

ऐसे शुरू करें डिटर्जेंट पाउडर बनाने का बिज़नेस

डिटर्जेंट पाउडर साफ़ सफाई के लिए बहुत ही आवश्यक वस्तु है. इसका प्रयोग साधारण तौर पर कपडे धोने के लिए किया जाता है. बाज़ार में विभिन्न तरह के ब्रांड ऐसे डिटर्जेंट बेच कर बहुत अच्छा लाभ कमा रहे हैं. बाजारों की दुकानों में कई ऐसे डिटर्जेंट हैं, जिनकी कीमत बहुत अधिक है. बड़ी बड़ी कम्पनियाँ अपने ब्रांड का डिटर्जेंट बहुत आसानी से बेच रही हैं. आप भी अपने ब्रांड का डिटर्जेंट बहुत ही सरलता से बना कर बाज़ार में बेच सकते हैं. इस व्यवसाय में आपको बहुत अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा.

डिटर्जेंट पाउडर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री (Raw Material List)

डिटर्जेंट पाउडर बनाने के लिए कई तरह के आवश्यक रासायनिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. यहाँ पर इसके लिए काम आने वाले आवश्यक रासायनिक सामग्री के विषय में दिया जा रहा है.

ट्राईसोडियम फॉस्फेट: (रू 27 प्रति किलो)
ट्राईपोली फॉस्फेट: (रू 78 प्रति किलोग्राम)
कार्बोक्सी मिथाइल सेल्यूलोस : (रू 100 प्रति किलोग्राम)
फ्राग्रांस (सुगंध) :  (रू 600 प्रति किलोग्राम)
एसिड स्लरी :(रू 84/ लीटर)
सोडा ऐश :  (रू 21 प्रति किलोग्राम)
ग्लौबेर साल्ट: (रू 15 प्रति किलोग्राम)
रंग :  (रू 6 प्रति किलोग्राम)
एओएस : (रू 45 प्रति किलोग्राम)
डोलोमाइट :  (रू 3 प्रति किलोग्राम)
डी कोल: (रू 85 प्रति किलोग्राम)
डिटर्जेंट पाउडर बनाने के लिए मशीनरी 
डिटर्जेंट बनाने के लिए तीन तरह के मशीन की आवश्यकता पड़ती है. इन तीन तरह के मशीनों मे मिक्सर मशीन, स्क्रेमिंग मशीन और सीलिंग मशीन है. इन तीनों के कार्य का वर्णन नीचे किया जा रहा है.
मिक्सर मशीन: यह ग्लौबर साल्ट, सोडा ऐश, रंग आदि को मिलाने के काम में आता है.

स्क्रेमिंग मशीन : इसकी सहयता से बने हुए डिटर्जेंट को और भी बारीक़ बनाया जाता है.

सीलिंग मशीन : इसकी सहयता से पैकेट्स को सील किया जाता है.

डिटर्जेंट पाउडर बनाने के लिए मशीनरी में कुल खर्च (Detergent Powder Making Machine Price)
इसके लिए रू 45,000 से लेकर रू 3,00,000 तक के मशीन उपलब्ध हैं. यदि आप 45000 के रेंज का डिटर्जेंट मेकिंग मशीन लेते हैं, तो उससे आप डिटर्जेंट पाउडर बना तो लेंगे किन्तु, पैकेजिंग के दौरान आपको मशीन की सुविधा नहीं मिल पाएगी. 75000 के मशीन के साथ आपको अलग से एक सीलिंग मशीन दिया जाता है और 3,00,000 रू की मशीन में पूरा सेट मिल जाता है, जिसमे मिक्सर से सीलिंग तक सभी तरह की मशीन उपलब्ध हो जाती है.
डिटर्जेंट पाउडर बनाने के व्यापार स्थापित करने के लिए कुल खर्च (Detergent Powder Making Business Cost)

व्यापार स्थापित करने के लिए कुल खर्च कम से कम 5 लाख रूपए का आता है. ये आंकड़ा आपके मशीन की कीमतों पर भी निर्भर करता है. यदि आप मशीन कम क़ीमत की जैसे 75000 रू के आस पास की लेते हैं, तो ये आंकड़ा 2.5 से 3 लाख का हो जाता है,.
डिटर्जेंट पाउडर बनाने की प्रक्रिया (Detergent Powder Making Process)
सबसे पहले एसिड स्लरी लें और इसमें एओएस डालें. इसके बाद इसमें डी कोल डालें.
डी कोल डालने की वजह इसके निर्माण में इस्तेमाल किये गये रसायनों का नकारात्मक प्रभाव कम करना है.

इसके बाद इसमें cbs x डाला जाता है. इस तीनों को एक साथ कंटेनर में अच्छे से मिलाएं. इसमें cbs- x अच्छे से मिलाना होता है.

इसके बाद सारे पाउडर फॉर्म डालने के लिए मिक्सर मशीन का प्रयोग करें. इस मिक्सर मशीन में 35 किलो ग्लौबेर साल्ट, 5 किलो सोडा ऐश, 5 किलो डोलोमाइट, ट्राई सोडियम फॉस्फेट, कलर साल्ट डाल के मिलाएं. इस मिक्सर को डायरेक्ट और रिवर्स दोनों तरह से चलायें ताकि तीनों सही से मिक्स हो सके.
इसके बाद इसमें कलर साल्ट, व्हाइटनर और परफ्यूम डालें. कलर साल्ट डालने से डिटर्जेंट का रंग आकर्षक और परफ्यूम से इसमें सुगंध आ जाती है.

इसके बाद इसी मशीन में पहले से बनाए गये एसिड स्लरी घोल को डालें. इसी समय इसमें सोडियम ट्राई पोली फॉस्फेट और कार्बोक्ज़ी मिथाइल सेल्युलोस भी मिश्रित करें.
एक बार सारे रसायन अच्छे से मिक्स हो जाने के बाद इसे 12 घंटे के लिए सूखने को छोड़ दें. जब ये पूरी तरह सूख जायेंगा तो आप पायेंगे कि ये मोटा यानि ढेले जैसा हो गया है. इसे बारीक करने के लिए आप स्क्रीमिंग मशीन की सहयता लें और उसमे इसे डाल कर बारीक बना लें.

इस तरह आपका डिटर्जेंट बन कर तैयार हो जाता है और आप इसे बाज़ार के लिए पैक भी कर सकते हैं.

डिटर्जेंट पाउडर की पैकेजिंग (Detergent Powder Packaging)

पैकेजिंग के लिए अपने ब्रांड का पैकेट इस्तेमाल करें. यदि आपको किसी कंपनी से पहले से काम मिला हुआ है, तो आपको उसी कम्पनी के ब्रांड का पैकेट इस्तेमाल करना होगा. अन्यतः आप अपना ब्रांड्स इस्तेमाल कर सकते हैं. पैकेजिंग के लिए निम्न बातों पर ध्यान दें.

पैकेजिंग करने के पहले इस बात का ख्याल रखें कि एक पैकेट में कितना डिटर्जेंट पाउडर देना है. आप एक किलो का पैकेट बना रहे हैं या आधे किलो का इसका ध्यान रखना ज़रूरी है.

अपने ब्रांड को प्रमोट करने के लिए आकर्षक पैकेट बनाएं. पैकेट पर नीम्बू आदि की तस्वीर हो तो और भी बेहतर है.
पैकेजिंग करने के लिए ‘सीलिंग मशीन’ का इस्तेमाल करें. इस मशीन से पैकेट बहुत अच्छे से बनता है और देखने में आकर्षक लगता है.

डिटर्जेंट पाउडर बनाने के लिए आपको अपने फर्म को एलएलपी, ओपीसी आदि के अंतर्गत पंजीकृत कराना पड़ता है. आपके फर्म का एक बैंक अकाउंट होना बहुत ज़रूरी है. इसके साथ पोल्यूशन कण्ट्रोल बोर्ड की तरफ से भी ‘कंसेंट टू एस्टब्लिश’ और ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ दोनों तरह के लाइसेंस प्राप्त करने की आवाश्यक्ता होती है. क्वालिटी कण्ट्रोल के लिए बीआईएस रजिस्ट्रेशन करवाना होता है. आपको अपने ब्रांड अथवा ट्रेडमार्क का भी रजिस्ट्रेशन करवाना होता है.

मार्केटिंग के लिए आप रिटेल और होलसेल दोनों तरह के मार्केट का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप अपने मार्केटिंग स्ट्रेटेजी में उन सभी दुकानों को ला सकते हैं, जो रिटेल में सामान बेचते हैं. इस तरह के दुकानों में अपना बनाया सामान बेचने पर लाभ अधिक होता है. इसके अलावा आप होलसेल के तहत बड़े दुकानों को भी डिटर्जेंट बेच देते हैं, जहाँ से रिटेलर अक्सर अपने दूकान के लिए खरीदते हैं. ब्रांड के प्रचार के लिये होर्डिंग वैगेरह का इस्तेमाल कर सकते हैं. यदि आप शुरू में अपने प्रोडक्ट पर किसी तरह का ऑफर दें तो वो भी कारगर होगा.

इस तरह से आप 4 से 5 लाख के अन्दर एक ऐसा व्यापार स्थापित कर सकते हैं, जो लॉन्ग टर्म बिज़नस साबित हो सकता है और आपको लम्बे समय तक भरपूर लाभ दे सकता है.

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